ऑप्टिकल फाइबर में प्रकाश का मार्गदर्शन $n_1$ अपवर्तनांक वाले एक पतले ठोस कांच के सिलेंडर और उसके चारों ओर $n_2$ अपवर्तनांक वाले माध्यम की संरचना द्वारा समझा जा सकता है। इस संरचना में प्रकाश का मार्गदर्शन $n_1$ और $n_2$ माध्यमों के इंटरफेस पर होने वाले क्रमिक पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होता है। आपतन कोण $i$ जिसका मान $i_m$ से कम है,वाले सभी किरणें $n_1$ अपवर्तनांक वाले माध्यम में ही सीमित रहती हैं। संरचना का न्यूमेरिकल एपर्चर $(NA)$ $\sin i_m$ के रूप में परिभाषित है।
$1.$ दो संरचनाओं $S_1$ $(n_1=\sqrt{45}/4, n_2=3/2)$ और $S_2$ $(n_1=8/5, n_2=7/5)$ के लिए,पानी का अपवर्तनांक $4/3$ और हवा का $1$ लेते हुए,सही विकल्प(विकल्पों) है(हैं):
$(A)$ पानी में डूबे $S_1$ का $NA$,$\frac{16}{3\sqrt{15}}$ अपवर्तनांक वाले द्रव में डूबे $S_2$ के $NA$ के समान है।
$(B)$ $\frac{6}{\sqrt{15}}$ अपवर्तनांक वाले द्रव में डूबे $S_1$ का $NA$,पानी में डूबे $S_2$ के $NA$ के समान है।
$(C)$ हवा में रखे $S_1$ का $NA$,$\frac{4}{\sqrt{15}}$ अपवर्तनांक वाले द्रव में डूबे $S_2$ के $NA$ के समान है।
$(D)$ हवा में रखे $S_1$ का $NA$,पानी में रखे $S_2$ के $NA$ के समान है।
$2.$ यदि समान अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाली,लेकिन अलग-अलग न्यूमेरिकल एपर्चर $NA_1$ और $NA_2$ $(NA_2 < NA_1)$ वाली दो संरचनाओं को अनुदैर्ध्य रूप से जोड़ा जाता है,तो संयुक्त संरचना का न्यूमेरिकल एपर्चर क्या होगा?
$(A)$ $\frac{NA_1 NA_2}{NA_1+NA_2}$ $(B)$ $NA_1+NA_2$ $(C)$ $NA_1$ $(D)$ $NA_2$